सारंगढ़। विकासखंड शिक्षा कार्यालय सारंगढ़ में पदस्थ बीईओ रेशम लाल कोशले एवं लिपिक किरण लहरे के विरुद्ध कलेक्टर कार्यालय में शिकायत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दो शिक्षकों को बिना विधिवत कार्यभार ग्रहण किए ही लगभग एक वर्ष तक वेतन का भुगतान किया गया। जिस मे शिक्षको का नाम रामदिन सिदार और मोहिंदर सिंह मरावी दोनों क़े आलावा और अन्य भी शामिल होने कि जानकारी सुना गया है ।
शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित शिक्षक न तो सारंगढ़ विकासखंड के किसी विद्यालय में कार्यरत रहे और न ही बरमकेला विकासखंड में उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया, युक्तियुक्त करण मे अतिशेष क़े लिए भेजा गया था लेकिन दोनों शिक्षक कही भी कार्यभार नहीं लिए फिर भी इनका वेतनमान बनाया और निकासी भी करा लिया गया है। इसके बावजूद उनके खाते में नियमित रूप से वेतन जारी किया गया। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका व्यक्त की है कि वेतन भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता हुई हो सकती है। हालांकि, रिश्वत या किसी प्रकार के आर्थिक लेन-देन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाना शेष है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शिक्षा विभाग में प्रशासनिक लापरवाही अथवा वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला माना जा सकता है।
फिलहाल कलेक्टर कार्यालय एवं संबंधित अधिकारियों की ओर से शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
