भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा चेक डैम? ‘बजरी-डस्ट’ के खेल पर एक्शन, जनपद CEO ने बिठाई जाँच.

Dinesh Jolhe
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सारंगढ़-बिलाईगढ़ : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। जिले के ग्राम पंचायत मुड़पार छोटे में निर्माणाधीन चेक डैम में भारी अनियमितता का मामला गरमा गया है। घटिया निर्माण की खबरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है।

14.67 लाख का बजट और ‘धूल’ का मसाला :

लगभग 14 लाख 67 हजार रुपये की लागत से बन रहे इस चेक डैम में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, निर्माण में मानक मटेरियल (रेत-गिट्टी) के स्थान पर बजरी और डस्ट का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था।

जैसे ही यह मामला सुर्खियों में आया, जनपद पंचायत के आला अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए तत्काल जाँच दल गठित करने का आदेश जारी कर दिया है।

3 दिन के भीतर मांगी गई रिपोर्ट :

मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत सारंगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) को इस पूरे मामले की गहन जाँच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि :

तकनीकी सहायक के संरक्षण में हो रही इस ‘महा-धांधली’ की जमीनी हकीकत परखी जाए।

जाँच दल को 03 दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।

सवाल : क्या दोषियों पर गिरेगी गाज? – प्रशासनिक गलियारों में इस जाँच को लेकर हलचल तेज है। जहाँ एक ओर ग्रामीणों में घटिया निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है, वहीं दूसरी ओर अब सबकी नजरें जाँच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

बड़ा सवाल यह है कि क्या जाँच टीम निष्पक्ष होकर भ्रष्टाचार को उजागर करेगी, या फिर रसूखदारों के दबाव में जाँच का रुख मोड़ दिया जाएगा?…

Dinesh Jolhe
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