सारंगढ़। शहर के बीच बस्ती क्षेत्र में प्रस्तावित चूना फैक्ट्री को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि घनश्याम मनहर ने प्रशासन के निर्णय पर कड़ा सवाल उठाया है।
घनश्याम मनहर का कहना है कि जिस स्थान पर चूना फैक्ट्री लगाने की अनुमति दी जा रही है, वहां जिला अस्पताल, शासकीय कार्यालय और अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास मौजूद हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में पिछड़े वर्ग एवं गरीब किसान निवास करते हैं, जो खेती के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में फैक्ट्री स्थापित करना जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने बताया कि बीते दिनों चूना फैक्ट्री के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय जाना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अनुमति नहीं दी गई। आरोप है कि इस दौरान स्थिति ऐसी बनी कि लोगों को बैरिकेड्स हटाने पड़े, जिसके बाद प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
मनहर ने यह भी आरोप लगाया कि रैली के दौरान एसडीएम, तहसीलदार एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई और आगे बढ़ने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जनहित में आंदोलन जारी रहेगा।
सामाजिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए मनहर ने कहा कि प्रस्तावित क्षेत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। ऐसे में फैक्ट्री स्थापना से उनके जीवन और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, किसानों की भूमि और मकानों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस प्रस्तावित चूना फैक्ट्री का विरोध तब तक करती रहेगी, जब तक इसे पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता।
