गुडेली/सारंगढ़।
सारंगढ़ क्षेत्र के टीमरलगा के मां नाथलदाई क्रेशर में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों एवं ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर संचालन में शासन के तय नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, वहीं भारी मात्रा में खनिज का भंडारण किया जा रहा है, जिस पर संबंधित विभाग की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, क्रेशर संचालक द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक खनिज का भंडारण किया जा रहा है। नियमों के तहत जहां सीमित मात्रा में स्टॉक रखने की अनुमति होती है, वहीं यहां बड़े पैमाने पर पत्थर और गिट्टी का जमावड़ा देखा जा रहा है। इससे शासन को राजस्व हानि होने की भी आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल और भारी वाहनों की आवाजाही से आसपास के गांवों में प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही खनिज भंडारण एवं परिवहन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लग सके।
भंडारण क्षमता की मापदंड का बोर्ड खबर लिखे जाने तक दर्शित नहीं था।
रिपोर्ट: दिनेश जोल्हे
