टीमरलगा क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट और चूना भट्ठों के कारण स्थानीय ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। धूल और धुएं के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर मशीनों से निकलने वाली धूल दिनभर हवा में फैली रहती है, जिससे खेत, घर और पेयजल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं। वहीं चूना भट्ठों से उठने वाला जहरीला धुआं वातावरण को दूषित कर रहा है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।
स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों की मांग है कि प्रदूषण फैलाने वाले क्रेशर और चूना भट्ठों पर नियंत्रण किया जाए और क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
(DNI न्यूज)
