सारंगढ़-बिलाईगढ़।
सारंगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में एक ही नाम से जारी किए गए संदिग्ध बिलों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पंचायतों में बोर खनन, सबमर्सिबल पंप, पाइप फिटिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के नाम पर लगाए गए बिलों में कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, “भारत बोरवेल्स इलेक्ट्रॉनिक्स” नाम से जारी कई बिलों में आवश्यक कर (GST) का उल्लेख नहीं किया गया है। बिल में CGST और SGST की जगह पेन से काटा गया दिखाई दे रहा है। वहीं कई बिलों में कार्य स्थल, पूर्ण दिनांक और अन्य आवश्यक विवरण भी दर्ज नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वैध व्यावसायिक बिल में GST, स्थान, दिनांक एवं सामग्री का स्पष्ट विवरण होना अनिवार्य होता है।
बताया जा रहा है कि बोर खनन कार्यों में सामान्यतः विस्तृत माप, मशीन उपयोग, पाइप संख्या, मोटर क्षमता और स्थल विवरण का उल्लेख किया जाता है, लेकिन ऐसे कई बिलों में केवल राशि अंकित कर भुगतान दर्शाया गया है। इससे बिलों की वैधता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठने लगी है।
पंचायतों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों एवं जानकारों ने पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों और सचिवों से अपील की है कि किसी भी सामग्री या कार्य का भुगतान करने से पहले बिल की वैधता, GST नंबर, कार्य स्थल, दिनांक और संबंधित दस्तावेजों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय या कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
यदि इस प्रकार के बिलों की व्यापक जांच होती है तो कई पंचायतों में हुए भुगतान और कार्यों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
